
ख़ोज ख़बर छत्तीसगढ संवाददाता भानुप्रतापपुर
भानुप्रतापपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारी अपनी जायज़ मांगों को लेकर कई दिनों से धरना, प्रदर्शन एवं रैली के माध्यम से आवाज़ उठा रहे हैं। बावजूद इसके प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार ने उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। उल्टा कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की धमकी दी जा रही है, जिससे उनमें भारी आक्रोश है।
इसी बीच शिवसेना के प्रदेश महासचिव चंद्रमौली मिश्रा ने एनएचएम कर्मचारियों के धरना स्थल पर पहुँचकर उनका समर्थन किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार तुगलकी नीतियाँ लागू करने से बाज़ आए और कर्मचारियों की वाजिब मांगों पर गंभीरता से विचार करे। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता सरकार के कार्यों का बारीकी से मूल्यांकन कर रही है और समय आने पर जवाब भी देगी।
मिश्रा ने कहा कि विधानसभा चुनाव के पूर्व प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया था कि यह “मोदी की गारंटी” है कि उनकी मांगों को भाजपा सरकार के आते ही पूरा किया जाएगा। किंतु प्रदेश में भाजपा सरकार बने दो वर्ष बीत चुके हैं और अब तक कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है।
शिवसेना ने प्रदेश सरकार और प्रधानमंत्री से मांग की है कि एनएचएम कर्मचारियों की जायज़ मांगों को तत्काल पूरा किया जाए, अन्यथा आंदोलन और तेज़ किया जाएगा।

khojkhbarchhattisgarh hindi news