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“विकसित ओडिशा 2036” पर राष्ट्रीय मंथन — दिल्ली में दूरदर्शी विज़न की गूंज

Khojkhbarchhattisgarh.com

रायपुर ख़ोज ख़बर छत्तीसगढ संवाददाता

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित द्वितीय राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन के दूसरे दिन “विकसित ओडिशा 2036” विषय पर देशभर के प्रबुद्ध वक्ताओं ने दूरदर्शी विचार रखे। सम्मेलन का आयोजन Indian Media Congress (आईएमसी) एवं Organisation of United Working Journalists (ओयूडब्ल्यूजे) के संयुक्त तत्वावधान में Jagannatha Mandira के कन्वेंशन हॉल में हुआ, जहां नीति, मीडिया और प्रशासन से जुड़े विशेषज्ञों ने विकास की ठोस रूपरेखा पर मंथन किया।

वैज्ञानिक सोच से सशक्त विकास का आह्वान

सम्मेलन का उद्घाटन India Meteorological Department के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने किया। उन्होंने कहा कि ओडिशा जैसे आपदा-संवेदनशील राज्य के लिए वैज्ञानिक जागरूकता, सटीक पूर्वानुमान और प्रभावी आपदा प्रबंधन ही सतत विकास की आधारशिला हैं। “विकसित ओडिशा 2036” का लक्ष्य तभी साकार होगा, जब विज्ञान और नीति साथ-साथ चलें।

मीडिया बने बदलाव का नेतृत्वकर्ता

विशिष्ट वक्ताओं में प्रेस सूचना ब्यूरो के पूर्व प्रधान महानिदेशक एवं भारत सरकार के पूर्व मुख्य प्रवक्ता श्री कुलदीप सिंह धतवालिया, केरल पुलिस के पूर्व महानिदेशक डॉ. संजीव पटजोशी और सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता राधेश्याम जेना शामिल रहे। वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि 2036 तक विकसित ओडिशा का सपना दूरदर्शी नेतृत्व, सशक्त संस्थागत ढांचा और जवाबदेह मीडिया के बिना अधूरा रहेगा।

उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूती, पारदर्शिता, जवाबदेही और सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन में मीडिया की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित किया। पत्रकारों से आह्वान किया गया कि वे तथ्यपरक, निष्पक्ष और नैतिक पत्रकारिता के माध्यम से जन-नीति को दिशा दें और शासन-प्रशासन में सकारात्मक भागीदारी निभाएं।

राष्ट्रीय भागीदारी, सम्मान और संकल्प

ओडिशा सहित विभिन्न राज्यों से आए सैकड़ों प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने आयोजन को राष्ट्रीय स्वरूप दिया। इस अवसर पर उत्कृष्ट पत्रकारिता और मीडिया योगदान के लिए कई पत्रकारों को ट्रॉफी, प्रमाण-पत्र और स्मृति-चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

सत्र की अध्यक्षता मुख्य सलाहकार डॉ. पबित्र मोहन सामंतराय ने की। अध्यक्ष श्री संजय दास ने संगठन की उपलब्धियों और भावी योजनाओं का खाका प्रस्तुत किया, जबकि उपाध्यक्ष श्री रजनीकांत सामंतराय ने वार्षिक प्रतिवेदन रखा। महासचिव श्री प्रद्युम्न दास ने कार्यक्रम का संचालन किया। कोषाध्यक्ष श्री प्रसन्न प्रुस्ति एवं श्री रजनी जगदेव का सहयोग उल्लेखनीय रहा।

संपादक हिमत और वरिष्ठ सदस्य कमलकांत दास ने पत्रकारों की पेशेवर सुरक्षा, कल्याणकारी योजनाओं और संस्थागत समर्थन के मुद्दों को मुखरता से उठाया। धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ सदस्य श्री प्रबात प्रुस्ति ने किया। कार्यक्रम का संचालन मिस आकांक्षा ने प्रभावी ढंग से किया।

निष्कर्ष:
“विकसित ओडिशा 2036” केवल एक लक्ष्य नहीं, बल्कि एक सामूहिक संकल्प है — जहां वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सुशासन और सजग मीडिया मिलकर विकास की नई इबारत लिखेंगे। दिल्ली की इस राष्ट्रीय विचारगोष्ठी ने स्पष्ट संकेत दिया कि ओडिशा का भविष्य विज़न, विमर्श और सहभागिता के दम पर गढ़ा जाएगा।

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