जनपद पंचायत सिमगा में सौंपा गया शिकायत आवेदन, सरपंच पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप

सिमगा बलौदा बाजार ख़ोज ख़बर छत्तीसगढ संवाददाता
सिमगा/बलौदाबाजार-भाटापारा।
जनपद पंचायत सिमगा अंतर्गत ग्राम पंचायत खिलौरा में 15वें वित्त आयोग की राशि के कथित गबन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ग्राम निवासी जय नारायण धृतलहरे ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत सिमगा को लिखित आवेदन सौंपकर पंचायत में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायत खिलौरा की वर्तमान सरपंच अनीता साहू द्वारा 15वें वित्त की पूरी राशि आहरित कर ली गई, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई विकास कार्य नहीं कराया गया। आवेदन में कहा गया है कि पंचायत में तालाब एवं बाजार की नीलामी से प्राप्त राशि सहित अन्य मदों की रकम का भी पारदर्शी उपयोग नहीं हुआ और खर्च का कोई स्पष्ट लेखा-जोखा ग्रामीणों को उपलब्ध नहीं कराया गया।
आवेदन के अनुसार पंचायत की रोकड़ बही एवं आय-व्यय विवरण में पारदर्शिता का अभाव है। गांव में मूलभूत सुविधाओं—जैसे नाली सफाई, पेयजल व्यवस्था और प्रकाश व्यवस्था—की बदहाल स्थिति को भी शिकायत में रेखांकित किया गया है। आरोप है कि विकास कार्यों के लिए प्राप्त शासकीय राशि का निजी उपयोग किया गया, जिससे ग्राम विकास ठप पड़ गया है।
शिकायतकर्ता ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो ग्रामीणों का भरोसा पंचायत व्यवस्था से उठ सकता है।
अब देखना यह है कि जनपद पंचायत सिमगा प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर क्या कदम उठाता है और क्या वास्तव में पंचायत में वित्तीय अनियमितताओं की परतें खुलती हैं या नहीं। फिलहाल इस मामले ने ग्रामीण राजनीति में हलचल तेज कर दी है।
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