
जांजगीर-चांपा ख़ोज ख़बर छत्तीसगढ संवाददाता
जांजगीर-चांपा। फिल्म “यादव जी की लव स्टोरी” की रिलीज से पहले ही विरोध की आंधी तेज हो गई है। अखिल भारत वर्षीय यादव महासभा के बैनर तले सर्व यादव समाज ने 26 फरवरी को दोपहर 12 बजे जिला मुख्यालय पहुंचकर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। कलेक्टर कार्यालय के बाहर हजारों की संख्या में जुटे समाजजनों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए फिल्म पर तत्काल प्रतिबंध की मांग की।
“समाज की छवि धूमिल करने की साजिश”
समाज के नेता गिरधारी यादव ने आरोप लगाया कि फिल्म की कहानी, संवाद और प्रस्तुति में यादव समाज की परंपराओं, संस्कृति और विशेषकर समाज की नारियों के सम्मान को ठेस पहुंचाई गई है। उनका कहना है कि यह फिल्म सुनियोजित तरीके से समाज को बदनाम करने की कोशिश है।
प्रतिनिधि धनु यादव ने भी कहा कि “किसी भी जाति या समुदाय की गरिमा से खिलवाड़ करने वाली फिल्मों पर सख्त रोक लगनी चाहिए, वरना सामाजिक सौहार्द प्रभावित होगा।”
गूंजे नारे, शांतिपूर्ण प्रदर्शन
“यादव समाज का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान” और “आपत्तिजनक फिल्म पर रोक लगाओ” जैसे नारों के साथ प्रदर्शनकारियों ने अपना आक्रोश जताया। हालांकि पूरा प्रदर्शन अनुशासित और शांतिपूर्ण रहा।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें
ज्ञापन में समाज ने तीन मुख्य मांगें रखीं—
1. “यादव जी की लव स्टोरी” पर तत्काल प्रतिबंध।
2. निर्माता-निर्देशक के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई।
3. भविष्य में किसी भी समाज की छवि को ठेस पहुंचाने वाली फिल्मों पर कड़ी निगरानी।
ज्ञापन सौंपने वालों में गिरधारी यादव, त्रिभुवन यादव, देव कुमार, परमेश्वर धन्नू यादव, अमित यादव, सोनू यादव, शनि यादव, रामखिलावन यादव, रामेश्वर यादव, शिवचरण यादव, शोभा यादव, ओमकार यादव, रामनारायण यादव, सुरेन्द्र, द्वारिका, मनोज, सुखसागर, सुरेश, मोहन, बोधराम, शत्रुघ्न, नाथूलाल, किशन, संजय यादव, डॉ. रामखिलावन यादव सहित बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी मौजूद रहे।
प्रशासन का आश्वासन
कलेक्टर कार्यालय ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले को उच्च स्तर पर भेजने और उचित कार्रवाई का भरोसा दिया। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की।
राज्य से राष्ट्रीय आंदोलन की चेतावनी
समाज के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक विस्तारित किया जाएगा।
निष्कर्ष
फिल्म को लेकर उठे इस विरोध ने सिनेमा की सामाजिक जिम्मेदारी पर बहस को फिर से हवा दे दी है। अब नजरें प्रशासन और केंद्र सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं—क्या विवादित फिल्म पर रोक लगेगी या टकराव और बढ़ेगा?
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