
रायपुर नई दिल्ली खोज खबर छत्तीसगढ़ संवाददाता
नई दिल्ली। राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ (आरपीएम) की मासिक संगठनात्मक बैठक रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को गूगल मीट के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में आगामी 16 नवंबर को राष्ट्रीय प्रेस दिवस मनाने तथा 26 नवंबर, संविधान दिवस के अवसर पर पत्रकारों की विभिन्न मांगों को लेकर प्रस्तावित प्रदर्शन की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए कथित प्रतिबंधों एवं सीमाओं को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक स्थल तलाशने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।
बैठक की मेजबानी आरपीएम के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष धीरज कुमार ने की, जबकि अध्यक्षता संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. पबित्र मोहन सामंतराय ने की। बैठक में देशभर में पत्रकारों की एकजुटता मजबूत करने, मीडिया की स्वतंत्रता की रक्षा करने और पत्रकारों की लंबित मांगों को प्रभावी ढंग से सरकार के समक्ष रखने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया।
16 नवंबर को राष्ट्रीय प्रेस दिवस, 26 नवंबर को प्रस्तावित प्रदर्शन
बैठक में निर्णय लिया गया कि 16 नवंबर 2026 को विभिन्न राज्यों में राष्ट्रीय प्रेस दिवस मनाया जाएगा। वहीं, 26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर मीडिया को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में औपचारिक मान्यता देने के लिए केंद्रीय कानून बनाए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन आयोजित करने की तैयारी की जाएगी।
जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं और कथित सीमाओं को देखते हुए बैठक में किसी अन्य उपयुक्त स्थल की तलाश करने पर सहमति बनी। प्रदर्शन स्थल के चयन, आयोजन की रूपरेखा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए आगामी रविवार को एक और तैयारी बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
पत्रकारों के हितों और छोटे समाचार पत्रों की समस्याओं को उठाने की पहल
यह प्रस्तावित आंदोलन वर्ष 2024 से राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ (RPM), इंडियन फेडरेशन ऑफ स्मॉल एंड मीडियम न्यूजपेपर्स (IFSMN) तथा नेशनल मीडिया कॉन्फेडरेशन (NMC), नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आगे बढ़ाया जा रहा है।
इन संगठनों का प्रमुख उद्देश्य केंद्र सरकार का ध्यान इस मांग की ओर आकर्षित करना है कि मीडिया को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में मान्यता देने के लिए उपयुक्त केंद्रीय कानून बनाया जाए। इसके साथ ही पत्रकारों के सामने आने वाली समस्याओं, उनके हितों एवं कल्याण से जुड़े मुद्दों तथा छोटे और मध्यम समाचार पत्रों एवं पत्रिकाओं के संचालन में आ रही चुनौतियों को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा।
प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपने की तैयारी
प्रस्तावित प्रदर्शन के अवसर पर भारत के प्रधानमंत्री, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री तथा राष्ट्रपति को विभिन्न मांगों से संबंधित विस्तृत ज्ञापन सौंपने की योजना पर भी चर्चा की गई। संगठन का उद्देश्य पत्रकारों की समस्याओं के समाधान, मीडिया की स्वतंत्रता की सुरक्षा और छोटे-मध्यम समाचार पत्रों के विकास के लिए सरकार का ध्यान आकर्षित करना है।
बैठक में देशभर के पदाधिकारियों ने रखे विचार
बैठक में आरपीएम के दिल्ली-एनसीआर अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार सैनी, संगठन मंत्री सुशील कुमार शर्मा, राष्ट्रीय संयोजक मेहताब खान चांद, कार्यक्रम समन्वयक ताहिर अहमद, रायपुर संयोजक संतोष यदु तथा आईएफएसएमएन के संयुक्त महासचिव अधिवक्ता राधेश्याम पांडा सहित विभिन्न पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने भाग लिया। श्री चंद्रा सहित विभिन्न राज्यों के अन्य पदाधिकारियों और सदस्यों ने भी अपने विचार रखे।
बैठक के अंत में प्रियब्रत नायक ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने संगठन के उद्देश्यों के प्रति सभी सदस्यों की सक्रिय भागीदारी और प्रतिबद्धता के लिए आभार व्यक्त किया।
पत्रकारों की एकता और अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प
बैठक के समापन पर आरपीएम ने पत्रकारों की एकता को मजबूत करने, मीडिया की स्वतंत्रता की रक्षा करने, पत्रकारों के कल्याण से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने तथा लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका को चौथे स्तंभ के रूप में मान्यता दिलाने के लिए उपयुक्त केंद्रीय कानून बनाने की मांग को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
संगठन की आगामी तैयारी बैठक में प्रस्तावित प्रदर्शन के स्थल और आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है।
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