इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के बाद चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल

रायपुर खोज खबर छत्तीसगढ़ संवाददाता
तिल्दा-नेवरा, 25 सितंबर 2026। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर देशभर में जारी राजनीतिक बहस के बीच तिल्दा-नेवरा में कांग्रेस नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है।
कांग्रेस मंडल अध्यक्ष विजय हरिरामानी ने कहा कि लंबे समय से कांग्रेस और विपक्षी दल चुनाव प्रक्रिया तथा मतदाता सूची को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर भी कांग्रेस ने नगरीय निकाय चुनावों में कथित अनियमितताओं को लेकर छह बिंदुओं पर कार्रवाई की मांग की थी।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट से बढ़ा विवाद
द इंडियन एक्सप्रेस की 23 सितंबर की एक रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले करीब 10 महीनों में चुनाव आयोग के कुछ फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज की। रिपोर्ट में इन आपत्तियों का संबंध SIR, मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने, Form 6 में बदलाव तथा मतदाता डेटा और उसके प्रबंधन से जुड़े मुद्दों से बताया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, दोनों चुनाव आयुक्तों ने कुछ मामलों में यह आपत्ति जताई कि निर्णय अथवा आदेश उनकी जानकारी या सहमति के बिना लिए गए थे।
हालांकि, चुनाव आयोग ने रिपोर्ट से जुड़े विवाद के बीच कहा है कि आयोग की आंतरिक प्रक्रिया में लिखित सुझाव और अलग-अलग मत सामान्य deliberative process का हिस्सा हैं तथा महत्वपूर्ण निर्णय पूर्ण आयोग द्वारा लिए गए।
हरिरामानी ने की गिरफ्तारी की मांग
विजय हरिरामानी ने आरोप लगाते हुए कहा कि यदि दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों को नजरअंदाज कर निर्णय लिए गए हैं तो यह गंभीर संवैधानिक और लोकतांत्रिक विषय है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने तथा गिरफ्तारी की मांग की।
हरिरामानी ने कहा कि चुनाव आयोग में मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों की भूमिका को लेकर संविधान और कानून में निर्धारित प्रक्रिया का पालन होना चाहिए। उनके अनुसार, यदि आयोग के भीतर दर्ज आपत्तियों के बावजूद फैसले किए गए हैं तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने भी उठाए सवाल

जिला कांग्रेस महामंत्री सुनील सोनी ने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता को अपने मत के माध्यम से प्रतिनिधि चुनने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों से आम मतदाता के विश्वास पर असर पड़ सकता है और पूरे मामले में पारदर्शिता आवश्यक है।
वहीं, ब्लॉक पदाधिकारी द्वारिका शर्मा ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाते हुए मामले की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
रिपोर्ट के बाद राष्ट्रीय स्तर पर भी राजनीतिक प्रतिक्रिया
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट सामने आने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी नेताओं ने भी CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अलग-अलग तरह की कार्रवाई की मांग की है। वहीं, चुनाव आयोग ने आंतरिक मतभेदों को लेकर सामने आई रिपोर्ट पर अपनी प्रक्रिया और निर्णयों का बचाव किया है।
नोट: विजय हरिरामानी और अन्य कांग्रेस नेताओं द्वारा लगाए गए आरोप उनके राजनीतिक बयान हैं। इन्हें स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि उनके बयान के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में दर्ज आपत्तियां भी संबंधित चुनाव आयुक्तों के लिखित मतों पर आधारित रिपोर्टिंग हैं; इससे अपने-आप “वोट चोरी” सिद्ध नहीं होती।
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