फसलों की सुरक्षा के लिए कृषि मौसम विज्ञान विभाग ने जारी की सलाह, भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर सावधानी बरतने की अपील

रायपुर खोज खबर छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर। छत्तीसगढ़ में चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से 1 नवंबर तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। मौसम में होने वाले इस बदलाव को देखते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग ने किसानों के लिए विशेष कृषि सलाह जारी की है। किसानों को अपनी पकी फसलों की सुरक्षा, सुरक्षित भंडारण और खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।
कई जिलों में भारी बारिश की आशंका
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 29 अक्टूबर को बस्तर, बलरामपुर-रामानुजगंज, सूरजपुर, कोरिया और कोरबा जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश होने की आशंका है। वहीं, प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है।
30 अक्टूबर को मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरबा, मुंगेली, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और बिलासपुर सहित विभिन्न जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
वहीं, 1 नवंबर तक प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा का दौर जारी रह सकता है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक और वज्रपात की आशंका भी जताई गई है। ऐसे में किसानों को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने की जरूरत है।
किसानों के लिए कृषि मौसम विभाग की विशेष सलाह
मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पकी फसलों की कटाई: जिन फसलों की कटाई हो चुकी है या जो पककर तैयार हैं, उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर रखें तथा भंडारण की उचित व्यवस्था करें।
खेतों में जल निकासी: बारिश के दौरान खेतों में पानी जमा होने से रोकने के लिए जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखें।
बुआई में सावधानी: गेहूं, चना और मसूर की बुआई मौसम साफ होने तक टालने की सलाह दी गई है।
पशुधन की सुरक्षा: पशुओं को बारिश, तेज हवा और बिजली गिरने के खतरे से बचाने के लिए सुरक्षित एवं सूखे स्थान पर रखें।
कीटनाशकों का छिड़काव: मौसम साफ होने तक कीटनाशकों का छिड़काव न करें, ताकि दवाओं का प्रभाव कम होने और नुकसान की आशंका से बचा जा सके।
वज्रपात से बचाव: गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति में खेतों में काम करने से बचें तथा सुरक्षित स्थान पर रहें।
फसलों को नुकसान से बचाने सतर्कता जरूरी
कृषि मौसम विज्ञान विभाग की सलाह है कि किसान मौसम पूर्वानुमान के अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनाएं और अपनी उपज को बारिश से बचाने के लिए पहले से तैयारी रखें। अचानक होने वाली बारिश से फसल कटाई, भंडारण और कृषि कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
सरकार की ओर से भी किसानों को मौसम संबंधी जानकारी के प्रति जागरूक रहने और फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां बरतने पर जोर दिया जा रहा है। किसानों के लिए जरूरी है कि वे स्थानीय मौसम चेतावनियों पर ध्यान दें और प्रतिकूल मौसम के दौरान जोखिम भरे कृषि कार्यों से बचें।
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