
ख़ोज ख़बर छत्तीसगढ संवाददाता संतोष कुमार यदु
दिल्ली 9फरवरी ख़ोज ख़बर छत्तीसगढ
भारत की मजबूती आपसी भाईचारे, एकता और अहिंसा के मार्ग से ही संभव है। नफरत और विभाजन को मिटाकर ही स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों का भारत साकार किया जा सकता है। यह विचार सरहदी गांधी मेमोरियल सोसाइटी इंडिया द्वारा आयोजित “आइडिया ऑफ इंडिया” विषयक राष्ट्रीय सेमिनार में वक्ताओं ने व्यक्त किए।
इस्लामी कल्चरल सेंटर, दिल्ली में आयोजित सेमिनार में भारत रत्न ख़ान अब्दुल गफ्फार ख़ान के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान और उनके अहिंसात्मक संघर्ष पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक, संवैधानिक और समावेशी परंपराएं ही देश की असली ताकत हैं, जिन्हें हर हाल में संरक्षित करना होगा।

सेमिनार को संबोधित करने वालों में प्रो. राम पुनियानी, वैज्ञानिक गौहर रज़ा, लेखक अशोक पांडे, इतिहासकार रुचिका शर्मा, इंटरनेशनल ब्रांड एंबेसडर महताब ख़ान चांद, पूर्व मंत्री अशोक यादव, अल्पना भारती, अपूर्वा श्रीवास्तव सहित अनेक प्रबुद्धजन शामिल रहे।
कार्यक्रम में सरहदी गांधी मेमोरियल सोसाइटी के अध्यक्ष एवं एनसीपी अल्पसंख्यक सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैय्यद जलालुद्दीन (एडवोकेट) की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। देशभर से आए लेखक, इतिहासकार, वैज्ञानिक, धार्मिक गुरु, सामाजिक और मानवाधिकार संगठनों से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे।
सेमिनार के समापन अवसर पर महाराष्ट्र के दिवंगत पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
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