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राज्यसभा ओडिशा की सियासत में डॉ. पबित्र मोहन सामंतराय के नाम से बढ़ी हलचल

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न्यूज़रूम से राज्यसभा तक का सफर तय करने जा रहे हैं डॉ.  सामंतराय?

भुनेश्वर ख़ोज ख़बर छत्तीसगढ संवाददाता संतोष कुमार यदु रायपुर छत्तीसगढ़

भुवनेश्वर। ओडिशा में 2 अप्रैल को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले सियासी सरगर्मियां चरम पर हैं। चार सीटों के लिए संभावित नामों की चर्चाओं के बीच वरिष्ठ पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता  Dr. Pabitra Mohan Samantaray का नाम तेजी से उभरकर सामने आया है। राजनीतिक गलियारों से लेकर मीडिया जगत तक—हर जगह यही सवाल गूंज रहा है: क्या न्यूज़रूम से राज्यसभा तक का सफर तय करने जा रहे हैं डॉ. सामंतराय?

डॉ. सामंतराय वर्तमान में ओड़िया दैनिक Paryabekhyak और अंग्रेजी दैनिक The Kalinga Chronicle के Editor-in-Chief हैं। मीडिया क्षेत्र में उनकी पहचान एक मुखर और स्पष्टवादी संपादक के रूप में रही है।

राष्ट्रीय स्तर पर भी उनका कद कम नहीं है। वे Rashtriya Patrakar Mahasangh (RPM), National Media Confederation (NMC) तथा Indian Federation of Small and Medium Newspapers, नई दिल्ली के राष्ट्रीय अध्यक्ष जैसे अहम दायित्व संभाल रहे हैं। पत्रकार सुरक्षा, मीडिया अधिकार और छोटे-मध्यम समाचार पत्रों के हितों की आवाज बुलंद करने में उनकी सक्रिय भूमिका रही है।

राजनीति से भी उनका पुराना नाता रहा है। वर्ष 2009 में उन्होंने Bharatiya Janata Party के उम्मीदवार के रूप में ओडिशा विधानसभा के बर्चना क्षेत्र से चुनाव लड़ा था। भले ही वे जीत दर्ज न कर सके, लेकिन सार्वजनिक जीवन में उनकी सक्रियता लगातार बनी रही।

पत्रकारिता के साथ-साथ वे वैदिक शिक्षा और मूल्य आधारित शिक्षण पद्धति के प्रचार-प्रसार में भी अग्रणी रहे हैं। Vedic International Foundation और Maharishi International Gyan Foundation के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने देशभर में कई शैक्षणिक पहलों को दिशा दी है।


अब जब राज्यसभा चुनाव की घड़ी नजदीक है, तो डॉ. सामंतराय का नाम संभावित उम्मीदवारों की सूची में चर्चा का केंद्र बन चुका है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि उन्हें मौका मिलता है, तो मीडिया और शिक्षा जगत से जुड़े मुद्दों को संसद के उच्च सदन में एक नई आवाज मिल सकती है।

फिलहाल आधिकारिक घोषणा का इंतजार है, लेकिन इतना तय है कि ओडिशा की सियासत में यह नाम चुनावी समीकरणों को नया मोड़ दे रहा है। 2 अप्रैल की तारीख जैसे-जैसे करीब आ रही है, राज्यसभा की इस दौड़ में दिलचस्पी और भी बढ़ती जा रही है।

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