लोकतंत्र के चौथे स्तंभ कहे जाने वाले पत्रकारों के लिए बैठने की व्यवस्था तक न होना कई सवाल खड़े करता है—

तिल्दा-नेवरा ख़ोज ख़बर छत्तीसगढ संवाददाता संतोष कुमार यदु
तिल्दा, 20 फरवरी 2026 (शुक्रवार)। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जनपद कार्यालय तिल्दा में एक दिवसीय भव्य सम्मेलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य, जनपद पंचायत सदस्य, सरपंच, उपसरपंच एवं पंचगणों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का आयोजन जनपद पंचायत तिल्दा के अध्यक्ष एवं सरपंच संघ जनपद पंचायत तिल्दा के नेतृत्व में किया गया। सुबह 10 बजे से प्रारंभ हुए इस सम्मेलन में पंचायत प्रतिनिधियों ने अपने एक वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। दोपहर 1 बजे से सामूहिक भोजन की व्यवस्था भी की गई।
संस्कृति की रंगत में सजा मंच

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध लोक गायिका कंचन जोशी और उनकी टीम की प्रस्तुति। लोकगीतों और पारंपरिक रंगों से सजी इस प्रस्तुति ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अतिथियों का मन मोह लिया। छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक ने समारोह को उत्सव में बदल दिया।
लेकिन… पत्रकारों के लिए जगह नहीं!
भव्य आयोजन के बीच एक बड़ा सवाल भी खड़ा हुआ।
स्थानीय पत्रकारों ने नाराज़गी जाहिर की कि दर्शकदीर्घा में उनके लिए समुचित स्थान की व्यवस्था नहीं की गई।

जब पंचायत प्रतिनिधियों के एक वर्ष के कार्यकाल का लेखा-जोखा सार्वजनिक मंच से रखा जा रहा था, तब उसी कार्यक्रम को जनता तक पहुंचाने वाले पत्रकारों की अनदेखी क्यों?
चौथे स्तंभ का सम्मान कहाँ?
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ कहे जाने वाले पत्रकारों के लिए बैठने की व्यवस्था तक न होना कई सवाल खड़े करता है—
क्या यह महज चूक थी या संवेदनहीनता?
क्या जनप्रतिनिधि संवाद से दूरी बना रहे हैं?
आखिर बार-बार पत्रकारों को उपेक्षा का सामना क्यों करना पड़ता है?
सम्मेलन की भव्यता और सांस्कृतिक रंगत अपनी जगह रही, लेकिन पत्रकारों की अनदेखी ने आयोजन पर एक सवालिया निशान जरूर लगा दिया।


अब देखना होगा कि आयोजक इस मुद्दे पर क्या स्पष्टीकरण देते हैं और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
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