
तिल्दा-नेवरा ख़ोज ख़बर छत्तीसगढ संवाददाता संतोष कुमार यदु
तिल्दा-नेवरा। अभी एक माह पहले जिस रजिस्ट्री कार्यालय का उद्घाटन धूमधाम से हुआ था, वहीं आज अव्यवस्था और अनियमितताओं का अड्डा बनता दिखाई दे रहा है। हालात ऐसे हैं कि आम नागरिकों को अपने वैध काम करवाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि रसूखदारों के काम चुटकियों में निपटाए जाने के आरोप लग रहे हैं।
मेन गेट बदहाल, व्यवस्था सवालों के घेरे में
उद्घाटन के कुछ ही सप्ताह बाद कार्यालय के मुख्य द्वार (मेन गेट) की खराब स्थिति प्रशासनिक लापरवाही की पोल खोल रही है। नया भवन होने के बावजूद बुनियादी रखरखाव तक सुनिश्चित नहीं किया जा सका है।
ओटीपी और आधार प्रक्रिया में आधा-आधा घंटा इंतजार
रजिस्ट्री प्रक्रिया के दौरान ओटीपी सत्यापन और आधार नंबर दर्ज कराने में नागरिकों को 30-30 मिनट तक लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है। इंटरनेट की अत्यंत धीमी गति के कारण काम बार-बार अटक जाता है, जिससे दिनभर का समय बर्बाद हो रहा है। ग्रामीण इलाकों से आने वाले लोग खास तौर पर परेशान हैं, जिन्हें एक छोटे से काम के लिए पूरा दिन खपाना पड़ रहा है।
‘पैसा दो, काम लो’ के आरोप
सबसे गंभीर आरोप कर्मचारियों की कथित मनमानी को लेकर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पैसे लेकर काम तेज़ी से किया जाता है, जबकि साधारण और गरीब नागरिकों के काम जानबूझकर टाल दिए जाते हैं। कई बार कर्मचारी अपने नियमित दायित्व छोड़कर बड़े और प्रभावशाली लोगों के कामों में लगे दिखाई देते हैं। इससे कार्यालय की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है।
जांच और कार्रवाई की मांग तेज
नागरिकों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई करने और कार्यालय में मूलभूत सुविधाएं—
सुचारु और तेज़ इंटरनेट व्यवस्था
समयबद्ध कार्य प्रणाली
पारदर्शी और समान व्यवहार
तत्काल लागू करने की मांग की है।
यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी, तो जनआक्रोश आंदोलन का रूप ले सकता है। अब देखना यह है कि प्रशासन इन आरोपों को गंभीरता से लेकर ठोस कदम उठाता है या नहीं।
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