“कबाड़ से जुगाड़” थीम पर छात्रों का धमाल, जनप्रतिनिधियों ने बढ़ाया हौसला

तिल्दा-नेवरा ख़ोज ख़बर छत्तीसगढ संवाददाता संतोष कुमार यदु
तिल्दा नेवरा, 28 फरवरी 2026।
अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर तिल्दा नेवरा के ररूहाराम वर्मा शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय नेवरा क्रमांक 1 में संकुल स्तरीय “कबाड़ से जुगाड़” टीएलएम (Teaching Learning Material) एवं विज्ञान प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपने अभिनव मॉडल और प्रयोगों से सबका मन मोह लिया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि वार्ड क्रमांक 21 की पार्षद श्रीमती रानी सौरभ जैन रहीं, जबकि वार्ड क्रमांक 16 की पार्षद श्रीमती किरण बाला छाबड़िया ने अध्यक्षता की। भाजपा मंडल उपाध्यक्ष श्री सौरभ जैन विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। शिक्षा जगत एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष आयाम दिया।
नवाचार की उड़ान, प्रतिभा का प्रदर्शन

विज्ञान मेले का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार की भावना को बढ़ावा देना था—और इसमें विद्यालय पूरी तरह सफल रहा।
शिक्षकों ने गणित, विज्ञान, पर्यावरण एवं भाषा विषयों से जुड़े आकर्षक टीएलएम तैयार किए। “कबाड़ से जुगाड़” थीम के तहत बेकार वस्तुओं से उपयोगी शिक्षण सामग्री बनाकर यह संदेश दिया गया कि संसाधनों की कमी कभी भी नवाचार की राह में बाधा नहीं बनती।
सौर ऊर्जा से जल संरक्षण तक—मॉडलों की धूम

विद्यार्थियों ने सौर ऊर्जा से चलने वाले उपकरण, पवन ऊर्जा मॉडल, वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण, पर्यावरण संतुलन, मानव शरीर की संरचना एवं स्वच्छता जैसे विषयों पर मॉडल प्रस्तुत किए।
छात्रों ने आत्मविश्वास के साथ अपने प्रोजेक्ट की कार्यप्रणाली समझाई, जिसे अतिथियों और अभिभावकों ने जमकर सराहा। प्रदर्शनी में बच्चों की वैज्ञानिक समझ और प्रस्तुतीकरण कौशल देखने लायक रहा।
“कबाड़” से बना आकर्षक झूमर, बना आकर्षण का केंद्र
विद्यालय की कर्मचारी श्रीमती तुलसी दीदी द्वारा तैयार किया गया कबाड़ सामग्री से निर्मित आकर्षक झूमर विशेष आकर्षण रहा। उनकी रचनात्मकता ने सभी को प्रेरित किया और यह विद्यालय परिवार के लिए गर्व का विषय बना।
जनप्रतिनिधियों ने बढ़ाया उत्साह
संकुल प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार चंदानी, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय केसदा के प्राचार्य श्री विनोद वर्मा एवं वरिष्ठ व्याख्याता श्री टी.पी. वर्मा की उपस्थिति में अतिथियों ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की।
मुख्य अतिथि श्रीमती रानी सौरभ जैन ने कहा, “विज्ञान केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं, बल्कि हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा है। ऐसे आयोजन बच्चों को नई सोच और नवाचार की दिशा में प्रेरित करते हैं।”
अध्यक्षता कर रही श्रीमती किरण बाला छाबड़िया ने कहा कि भविष्य विज्ञान और तकनीक का है, इसलिए बच्चों को अभी से प्रयोग और खोज की आदत विकसित करनी चाहिए।
विशिष्ट अतिथि सौरभ जैन ने छात्रों द्वारा आयोजित “चित्र देखो, मुहावरा पहचानो” जैसे रोचक शैक्षणिक खेलों की प्रशंसा करते हुए बच्चों को शैक्षणिक, नैतिक, शारीरिक और सामाजिक क्षेत्रों में संतुलित विकास की प्रेरणा दी।
समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण की मजबूत पहल
शाला विकास समिति के सदस्यों एवं पालकों की सक्रिय भागीदारी से आयोजन और भी प्रभावशाली बना। विद्यालय प्रबंधन ने सभी अतिथियों, अभिभावकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर आयोजित यह विज्ञान मेला न केवल विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक सिद्ध हुआ, बल्कि समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को सुदृढ़ करने की दिशा में भी एक सराहनीय पहल बनकर उभरा।
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