
धरसींवा रायपुर ख़ोज ख़बर छत्तीसगढ संवाददाता
धरसीवां / रायपुर।
रायपुर जिले के सिलतरा-धरसीवां औद्योगिक क्षेत्र में उद्योगों से फैल रहे प्रदूषण को लेकर क्षेत्रवासियों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। जनपद पंचायत सदस्य दयाशंकर निषाद ने आरोप लगाया है कि कई उद्योगों से निकलने वाला धुआं, काला डस्ट और रासायनिक युक्त पानी आसपास के गांवों में गंभीर पर्यावरण संकट पैदा कर रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अब तक ठोस कार्रवाई नहीं कर पाए हैं।
कई बार शिकायत, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई


जनपद सदस्य दयाशंकर निषाद ने बताया कि पुष्प स्टील एंड माइंस प्रा. लि. सहित सिलतरा क्षेत्र की कई कंपनियों के खिलाफ प्रदूषण फैलाने की शिकायत कई बार प्रशासन और विभागीय अधिकारियों को दी जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।
24 घंटे उड़ रहा काला डस्ट, खेत और तालाब प्रभावित
निषाद के अनुसार कारखानों से निकलने वाला काला धूल (डस्ट) और गंदा पानी आसपास के खेतों और तालाबों में जा रहा है।
इससे चरौदा, धरसींवा, मोहदी, गोडी, टांडा सहित आसपास के कई गांव प्रभावित हो रहे हैं। तालाबों का पानी भी दूषित हो चुका है, जिससे किसानों और ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा असर

ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बढ़ रहे प्रदूषण के कारण क्षेत्र में सांस की बीमारी, टीबी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं। इसके बावजूद उद्योग प्रबंधन और जिम्मेदार विभाग स्थिति को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
पर्यावरण कानून के तहत कार्रवाई की मांग
जनपद सदस्य दयाशंकर निषाद ने प्रशासन से मांग की है कि प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 तथा जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1974 के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।
17 मार्च को धरना-प्रदर्शन की चेतावनी
यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो 17 मार्च 2026 को ग्रामीणों के साथ कंपनी परिसर के बाहर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन को भी लिखित सूचना दे दी गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि उद्योगों द्वारा प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं किया गया तो क्षेत्रवासी बड़ा जनआंदोलन करने को मजबूर होंगे।

khojkhbarchhattisgarh hindi news