
तिल्दा नेवरा खोज खबर छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर/तिल्दा-नेवरा।
रायपुर जिले के तिल्दा ब्लॉक में अवैध लाल ईंट भट्ठों का कारोबार तेजी से फैलता जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। तिल्दा-नेवरा, कोटा, खपरी कला, बिलाड़ी, सिनोधा सहित दर्जनों गांवों में बिना अनुमति संचालित हो रहे भट्ठों से निकलने वाला धुआं और राख लोगों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि इन भट्ठों के खिलाफ कई बार संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे यह सवाल उठ रहा है कि आखिर किसके संरक्षण में यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है।
धुएं और राख से बिगड़ रहा पर्यावरण
भट्ठों में ईंट पकाने के दौरान निकलने वाला काला धुआं पूरे गांव में फैल जाता है। दिनभर हवा में जली हुई ईंटों की बदबू और राख की धूल तैरती रहती है, जिससे लोगों का सांस लेना तक मुश्किल हो गया है। घरों, खलिहानों और जल स्रोतों तक पर राख की परत जम रही है।
⚠️ बुजुर्ग और बच्चों पर सबसे ज्यादा असर
प्रदूषित वातावरण का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों और बच्चों पर पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, सांस संबंधी बीमारियां, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं।
❗ प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल?
लगातार शिकायतों के बावजूद प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि:
अवैध ईंट भट्ठों पर तत्काल कार्रवाई की जाए
प्रदूषण फैलाने वाले संचालकों पर कड़ी कानूनी कार्यवाही हो
ग्रामीणों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जाए
प्रदेशभर में फैल रहा अवैध कारोबार
सिर्फ तिल्दा ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में अवैध ईंट भट्ठों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। कार्रवाई होने के बाद भी कुछ दिनों में फिर से संचालन शुरू हो जाता है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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