
भानुप्रतापपुर। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) द्वारा छत्तीसगढ़ में लगातार किए जा रहे अन्याय, अत्याचार, शोषण एवं जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जनआंदोलन चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज शिवसेना ने भानुप्रतापपुर एस.डी.एम. कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि छत्तीसगढ़ प्रदेश कोयला, जल और मानव संसाधनों की प्रचुरता वाला राज्य होने के बावजूद, प्रदेश की सरकार यहां के आम उपभोक्ताओं पर विद्युत दर में अनावश्यक वृद्धि कर आर्थिक बोझ डाल रही है। वहीं, राज्य सरकार अन्य प्रदेशों को सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध करा रही है, जो छत्तीसगढ़वासियों के साथ सीधा अन्याय है।
शिवसेना प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रदेश की जनता पहले से ही महंगाई, बेरोजगारी और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों के दबाव में जीवन यापन कर रही है। ऐसे में बिजली दरों में की गई वृद्धि आम जनता के लिए किसी कुठाराघात से कम नहीं है। सरकार की यह नीति पूर्णतः जनविरोधी एवं अलोकतांत्रिक है।
ज्ञापन के माध्यम से शिवसेना ने मांग की कि छत्तीसगढ़ की सरकार तुरंत इस निर्णय को वापस ले और प्रदेश के नागरिकों को राहत दे। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि विद्युत दर वृद्धि की अधिसूचना रद्द नहीं की गई, तो शिवसेना राज्यभर में उग्र आंदोलन करेगी और इसे जनांदोलन का रूप देगी।

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