शराब दुकान से 5 कर्मचारियों का अपहरण, CCTV में कैद सनसनीखेज वारदात

तिल्दा-नेवरा ख़ोज ख़बर छत्तीसगढ संवाददाता संतोष कुमार यदु
तिल्दा-नेवरा। 17 जनवरी
तिल्दा-नेवरा थाना क्षेत्र अंतर्गत सासहोली–सरोरा रोड स्थित देशी-विदेशी शराब दुकान से बुधवार रात एक सनसनीखेज और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली घटना सामने आई है। मुफ्त में शराब देने से इनकार करना दुकान कर्मचारियों को भारी पड़ गया। स्कार्पियो सवार बदमाशों ने खुलेआम दबंगई दिखाते हुए पांच कर्मचारियों का अपहरण कर लिया, फिर उन्हें खरोरा क्षेत्र के एक सुनसान इलाके में छोड़कर फरार हो गए।
घटना पूरी तरह सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है, जिसमें बदमाश बेखौफ होकर कर्मचारियों को जबरन उठाकर ले जाते स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।

घटना का पूरा घटनाक्रम
जानकारी के अनुसार, शराब दुकान में सेल्समैन व कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान स्कार्पियो में सवार चार अज्ञात युवक दुकान में घुसे और मुफ्त में शराब की मांग करने लगे। कर्मचारियों द्वारा विरोध किए जाने पर बदमाशों ने गाली-गलौज और धमकी देते हुए पहले तीन कर्मचारियों को बंधक बनाकर जबरन वाहन में बैठा लिया।
कुछ दूरी पर दुकान के दो अन्य कर्मचारियों ने विरोध किया और पीछा किया, तो बदमाशों ने उन्हें भी जबरदस्ती गाड़ी में ठूंस लिया और फरार हो गए। बाद में सभी पांच कर्मचारियों को खरोरा क्षेत्र के सुनसान इलाके में उतार दिया गया, जिसके बाद आरोपी मौके से भाग निकले।
पुलिस की भूमिका पर सवाल

तिल्दा-नेवरा पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू करने की बात कही है, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि संबंधित अधिकारियों ने पत्रकारों को कोई भी जानकारी देने से इनकार कर दिया।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि—
जिस शराब दुकान में एक दर्जन से अधिक कर्मचारी तैनात थे, वहां कुछ बदमाश इतनी बड़ी वारदात को कैसे अंजाम दे गए?
आरोपी जिस स्कार्पियो वाहन से कर्मचारियों को अगवा कर तिल्दा थाना क्षेत्र से होकर खरोरा की ओर गए, उस दौरान पुलिस कहां थी?
सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध होने के बावजूद अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं?
साजिश और मिलीभगत की आशंका
सूत्रों की मानें तो इस पूरे घटनाक्रम के पीछे सोची-समझी साजिश की आशंका जताई जा रही है। यह भी चर्चा है कि मामले में आबकारी विभाग की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता। गौरतलब है कि तिल्दा-नेवरा क्षेत्र में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, वहीं अवैध शराब का कारोबार बेलगाम होता जा रहा है, जिसमें नाबालिगों की संलिप्तता भी सामने आ रही है।
जनता में आक्रोश
इस घटना के बाद क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल है। आमजन सवाल कर रहे हैं कि जब शराब दुकान जैसे संवेदनशील स्थान भी सुरक्षित नहीं, तो आम नागरिक की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा?
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