
तिल्दा खरोरा खोज खबर छत्तीसगढ़ संवाददाता
खरोरा नगर के पुराना रामलीला मंच के पास बस्ती पारा माठ में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ सप्ताह के आठवें दिन बुधवार को कृष्ण-सुदामा प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथा के दौरान वातावरण भक्ति और करुणा से भर गया तथा कई श्रद्धालुओं की आंखों से आंसू छलक पड़े।
यह धार्मिक आयोजन श्रीमती दुलारी सुरेंद्र वर्मा (उपाध्यक्ष, जनपद पंचायत तिल्दा) द्वारा अपने पोते के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में कराया जा रहा है। व्यासपीठ से कथावाचन करते हुए भागवत मर्मज्ञ पंडित राजेश कृष्ण महाराज ने श्रीकृष्ण की विविध लीलाओं का विस्तारपूर्वक वर्णन किया।
उन्होंने जरासंध वध, सुदामा चरित्र, 24 गुरु कथा तथा परीक्षित मोक्ष प्रसंगों को बड़े ही सरल और भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया।
सच्ची मित्रता का अद्भुत उदाहरण
कथावाचक ने सुदामा चरित्र का मार्मिक वर्णन करते हुए बताया कि सच्ची मित्रता का सर्वोच्च उदाहरण भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा के जीवन से मिलता है।
उन्होंने बताया कि जब सुदामा अपनी पत्नी के आग्रह पर द्वारिका पहुंचे, तो द्वारपाल उन्हें पहचान नहीं सके। लेकिन जैसे ही श्रीकृष्ण को अपने मित्र के आगमन का पता चला, वे नंगे पांव दौड़ते हुए द्वार पर पहुंचे और सुदामा को गले लगा लिया।
इस भावुक प्रसंग ने उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
भक्ति में डूबा वातावरण
कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने कृष्ण-सुदामा की झांकी पर पुष्पवर्षा कर अपनी आस्था व्यक्त की। कार्यक्रम में आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना हुआ है।
यह भागवत कथा 19 मार्च से 27 मार्च तक आयोजित की जा रही है।
समय: प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक।
प्रमुख सहयोग
इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में
डॉ. सुरेंद्र वर्मा, श्रीमती बिनबाई वर्मा, संतोष वर्मा, लक्ष्मी वर्मा, शेषनारायण वर्मा, पाहरु सुकवारो, श्रीमती सूरुज, श्रीमती अहिल्या, प्रमिला, भूपेंद्र संतोषी, राजेश्वरी, वीर कुमार, चंचल जयकुमार, नमीन राजेंद्र, सुमन वर्मा सहित वर्मा परिवार का विशेष योगदान रहा।
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