“कार्यवाही नहीं हुई, तो होगा बड़ा आंदोलन” — कांग्रेस का अल्टीमेटम

ख़ोज ख़बर छत्तीसगढ संवाददाता तिल्दा-नेवरा
तिल्दा-नेवरा : राजधानी रायपुर के वीआईपी चौक के पास स्थित छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति को रविवार, 26 अक्टूबर की रात अज्ञात असामाजिक तत्वों ने खंडित कर दिया। इस अपमानजनक कृत्य से आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ता सोमवार को सड़कों पर उतर आए। भारी संख्या में जुटे कांग्रेसजनों ने नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला और एसडीएम कार्यालय पहुंचकर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
सुबह से ही कांग्रेस भवन में पार्टी कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। दोपहर 2 बजे के करीब “छत्तीसगढ़ महतारी का अपमान नहीं सहेंगे” के नारे लगाते हुए कांग्रेसजनों का काफिला एसडीएम कार्यालय पहुंचा। बढ़ते जनसैलाब को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी अलर्ट मोड पर रहा।
छठ पर्व का अवकाश होने के कारण एसडीएम कार्यालय बंद था, लिहाज़ा तहसीलदार ने प्रतिनिधि के रूप में कांग्रेसजनों का ज्ञापन लिया। ज्ञापन में दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई है, साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस व्यापक आंदोलन करेगी।
पूर्व पाठ्यपुस्तक निगम अध्यक्ष शैलेष नितिन त्रिवेदी ने कहा —
“भाजपा की साय सरकार कानून व्यवस्था कायम रखने में पूरी तरह नाकाम है। छत्तीसगढ़ महतारी का अपमान कांग्रेस किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।”
वरिष्ठ कांग्रेसी विजय हरिरामानी ने कहा —
“यह मूर्ति नहीं, बल्कि हर छत्तीसगढ़वासी की आस्था को खंडित करने का प्रयास है। यह उसी साजिश का हिस्सा लगता है जिसमें शासन कार्यालयों से महतारी की तस्वीरें हटाई जा रही हैं और सरकारी कार्यक्रमों से महतारी वंदना को गायब किया जा रहा है।”
ज्ञापन कार्यक्रम में जिला कांग्रेस अध्यक्ष उधोराम वर्मा, पूर्व विधायक जनकराम वर्मा, आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष दिलदार, उपाध्यक्ष सुनील सोनी, ब्लॉक अध्यक्ष देवादास टंडन, मंडल अध्यक्ष विजय हरिरामानी, गोवर्धन यदु, योगेंद्र साहू, गजानंद वर्मा, के. कृष्णमूर्ति, राहुल तेजवानी, द्वारिका शर्मा, कैलाश गांधी, संतोष सक्सेना, अजितेश शर्मा, होलेराम पोर्ते, डीगुराम वर्मा, दिनेश सोनी, योगेंद्र पटेल सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।
कांग्रेस ने साफ कहा है — “महतारी का अपमान अब नहीं सहेगा छत्तीसगढ़!”
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