कार्यक्रम की तैयारी में केडीवी मिशन कबीरपंथी प्रतिनिधि व्यवस्था में जुटे

रायपुर छत्तीसगढ़ : धर्मनगरी डोंगरगढ़ 10 दिसंबर को एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक क्षण की साक्षी बनेगी। दामाखेड़ा वंशावली के 16वें वंश प्रतापाचार्य, परम पूज्य पंथश्री हुजूर उदितमुनिनाम साहेब का प्रथम आगमन यहां होने जा रहा है। श्री सदगुरु कबीर-धनीधर्मदास परंपरा के इस विराट आगमन को लेकर कबीरपंथी समाज में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
पंथश्री का मुख्य कार्यक्रम मेला ग्राउंड डोंगरगढ़ में होगा, जहां वे आशीर्वचन देंगे, सत्संग-समागम होगा और अनुयायी भेंटबंदगी कर सकेंगे। अनुमान है कि राजनांदगांव जिले सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में कबीरपंथी अनुयायी पहुंचेंगे।
व्यवस्थाओं का जायजा—कबीरपंथी प्रतिनिधि मैदान में

कार्यक्रम को सुव्यवस्थित और भव्य बनाने के लिए केडीवी मिशन कबीरपंथी समाज जिला कमेटी ने आज मेला ग्राउंड का दौरा कर तैयारियों का निरीक्षण किया।
स्थल व्यवस्था, मंच निर्माण, जल–स्वच्छता, यातायात, सुरक्षा सहित सभी व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रतिनिधियों ने विभागवार जिम्मेदारियां तय कर अधिकारियों व सामाजिक जनों को कार्यभार सौंपा।
शोभायात्रा के लिए रूट मैप तैयार
पंथश्री हुजूर उदितमुनिनाम साहेब का आगमन 10 दिसंबर, दिन बुधवार को दोपहर 12 बजे तय है।
उनकी भव्य शोभायात्रा हाईस्कूल से प्रारंभ होकर गोलबाजार, बुधवारी पारा, रेलवे चौक, जयस्तंभ चौक, अंडरब्रिज होते हुए मेला ग्राउंड पहुंचेगी।

नगर में आध्यात्मिक माहौल व श्रद्धा का उत्साह चरम पर है।
इन प्रतिनिधियों ने संभाली जिम्मेदारी
निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में केडीवी मिशन कबीरपंथी प्रतिनिधि और सामाजिक जन मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से—
उत्तम साहू, नंदकिशोर साहू, चुमनदास साहू, लीलदास महंत, गोपाल मानिकपुरी, योधन साहू, महेश साहू, नेमचंद साहू, भीखम साहू, कोमल साहू, रामजी तराने, कामेश साहू, घनश्याम साहू, पुरुषोत्तम मानिकपुरी, दुर्गा साहू, राजू मानिकपुरी, पुहुक साहू, बुधराम साहू, लोचन मानिकपुरी, निर्मल साहू, छबील साहू, राजकुमार गहरवार सहित बड़ी संख्या में समाजजन शामिल थे।
कबीर सतगुरु परंपरा के इस भव्य आध्यात्मिक समागम से धर्मनगरी डोंगरगढ़ में नई ऊर्जा, सद्भाव और अनुशासन के संदेश प्रसारित होने की उम्मीद है।
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