मनमर्जी से काम पर बुलाने का आरोप, रोज़गार छिनने से परिवार बेहाल

ख़ोज ख़बर छत्तीसगढ संवाददाता तिल्दा-नेवरा संतोष कुमार यदु
रायपुर / तिल्दा-नेवरा।
जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 06 अंतर्गत साँकरा–सड्डू मार्ग पर स्थित क्लेंडिंग कंपनी में मजदूरों के साथ हो रही मनमानी अब सड़कों पर आ गई है। कंपनी प्रबंधन पर आरोप है कि मजदूरों को ज़रूरत पड़ने पर ही काम पर बुलाया जाता है, जबकि अन्य दिनों में बिना पूर्व सूचना उन्हें काम से वंचित कर दिया जाता है। इससे सैकड़ों मजदूर परिवारों के रोज़ी-रोटी पर सीधा संकट खड़ा हो गया है।
कंपनी की इस शोषणकारी नीति के खिलाफ क्षेत्र में भारी आक्रोश है। इसी के चलते 20 दिसंबर 2025 (शुक्रवार) को सुबह 9 बजे से कंपनी गेट के सामने शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया गया। आंदोलन में मजदूर संघ के सदस्य, स्थानीय ग्रामीण और क्षेत्रवासी बड़ी संख्या में शामिल हुए।

धरना-प्रदर्शन को लेकर तिल्दा-नेवरा थाना एवं अनुविभागीय अधिकारी से विधिवत अनुमति ली गई है, जिससे आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक ढंग से जारी है।
धरना स्थल पर पहुंचीं श्रीमती शैल महेंद्र साहू, समाजसेवी एवं जिला पंचायत रायपुर की सभापति (महिला एवं बाल विकास समिति) ने मजदूरों को अपना समर्थन देते हुए कहा कि

> “लगातार क्षेत्र में कंपनियों द्वारा मजदूरों का शोषण किया जा रहा है। प्रबंधन का तानाशाही और दुर्व्यवहारपूर्ण रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जब तक मजदूरों को न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा।”
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि कंपनी प्रबंधन की मनमानी पर तत्काल कार्रवाई की जाए और मजदूरों को नियमित एवं सम्मानजनक रोजगार सुनिश्चित किया जाए।
धरना-प्रदर्शन के माध्यम से मजदूरों ने साफ़ चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सुनवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज़ किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन एवं प्रशासन की होगी।
> छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास के नाम पर यदि मजदूरों का शोषण होगा, तो यह विकास नहीं बल्कि अन्याय कहलाएगा।
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