वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ सामूहिक गान के साथ मनाई गई

तिल्दा-नेवरा ख़ोज ख़बर छत्तीसगढ संवाददाता संतोष कुमार यदु
तिल्दा-नेवरा ब्रह्माकुमारीज़ सेवा केंद्र, तिल्दा में पिताश्री प्रजापिता ब्रह्मा बाबा का 57वाँ पुण्य स्मृति दिवस विश्व शांति दिवस के रूप में अत्यंत श्रद्धा, गरिमा और आध्यात्मिक वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर नगर तिल्दा सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में भाई-बहनों की सहभागिता रही। कार्यक्रम का उद्देश्य मानव समाज में शांति, सद्भाव, नैतिक मूल्यों एवं आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ परमात्मा शिव की स्मृति में सामूहिक मौन साधना एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात मंचासीन अतिथियों द्वारा निराकार शिव बाबा का ध्वज फहराया गया। ध्वज फहराने के इस पावन क्षण को उपस्थित जनसमूह ने तालियों एवं शांत भाव से नमन करते हुए विश्व शांति, पवित्रता और एकता का संकल्प लिया।

इस अवसर पर “वंदे मातरम्” गीत की 150वीं वर्षगांठ भी गरिमापूर्ण ढंग से मनाई गई। सामूहिक वंदे मातरम् गान के दौरान पूरा सभागार राष्ट्रभक्ति की भावना से गूंज उठा। सभी अतिथि एवं उपस्थित जन भारत माता के सम्मान में खड़े होकर इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मंजू तिवारी (भाजपा नेत्री), स्वाति वर्मा (जिला पंचायत सभा पति), मंजू अग्रवाल (वरिष्ठ भाजपा नेता एवं ग्रामीण महामंत्री अनिल अग्रवाल की धर्मपत्नी), रानी जैन (पार्षद, नगर पालिका तिल्दा) तथा सौरभ जैन (भाजपा नेता) विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल एवं सशक्त संचालन बी.के. प्रियंका दीदी, प्रभारी — ब्रह्माकुमारीज़ सेवा केंद्र तिल्दा द्वारा किया गया।
अपने संबोधन में स्वाति वर्मा ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा आयोजित प्रत्येक कार्यक्रम आत्मिक सशक्तिकरण का माध्यम होता है। उन्होंने प्रजापिता ब्रह्मा बाबा द्वारा उस दौर में महिलाओं एवं मातृशक्ति को आगे बढ़ाने के साहसिक प्रयासों की सराहना की, जब समाज में उनके लिए अवसर सीमित थे। यही दूरदर्शिता आगे चलकर 137 से अधिक देशों में फैले इस आध्यात्मिक संगठन की मजबूत नींव बनी।
पार्षद रानी जैन ने प्रजापिता ब्रह्मा बाबा के 57वें पुण्य स्मृति दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ केंद्र में आकर उन्हें सदैव शांति, सकारात्मकता एवं आत्मिक ऊर्जा की अनुभूति होती है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को सही दिशा और श्रेष्ठ संस्कार प्रदान करते हैं।
सौरभ जैन ने कहा कि “वंदे मातरम्” केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है। आज इस गीत को राष्ट्रीय स्तर पर पुनः जो सम्मान प्राप्त हो रहा है, वह प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है।
कार्यक्रम में बी.के. प्रियंका दीदी ने प्रजापिता ब्रह्मा बाबा के जीवन, त्याग, तपस्या एवं आध्यात्मिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार ब्रह्मा बाबा निराकार शिव के माध्यम बने और राजयोग ध्यान के द्वारा मानव जीवन को तनाव, अशांति एवं नकारात्मकता से मुक्त करने का मार्ग प्रशस्त किया।
कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थितजनों ने विश्व शांति, सद्भाव एवं श्रेष्ठ मानव मूल्यों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। इसके पश्चात सेवाधारी भाई-बहनों द्वारा प्रेमपूर्वक परोसे गए ब्रह्मा भोजन को सभी ने श्रद्धा भाव से ग्रहण किया।
यह आयोजन आध्यात्मिक जागरण, राष्ट्रप्रेम एवं सामाजिक समरसता का प्रेरणादायी उदाहरण सिद्ध हुआ।

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