टोकन गड़बड़ी से परेशान किसान परिवार सहित धरने पर, सरकार–प्रशासन कटघरे में

तिल्दा-नेवरा ख़ोज ख़बर छत्तीसगढ संवाददाता संतोष कुमार यदु

तिल्दा (रायपुर)।
छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के बीच एक बार फिर किसानों के साथ अन्याय का गंभीर मामला सामने आया है। रायपुर जिले के तिल्दा विकासखंड अंतर्गत ताराशिव छतौद के अन्नदाता किसान ने धान खरीदी केंद्र में टोकन गड़बड़ी से परेशान होकर परिवार सहित धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
किसान का आरोप है कि धान खरीदी केंद्र के ऑपरेटर एवं संबंधित अधिकारियों की लापरवाही/मनमानी के कारण उसका पूरा धान नहीं खरीदा गया। किसान को कुल 183 क्विंटल धान का टोकन कटना था, लेकिन
पहले टोकन में 40 क्विंटल,
दूसरे टोकन में केवल 80 क्विंटल धान खरीदा गया,
जबकि शेष 63 क्विंटल धान आज भी खरीदी से वंचित है।
बार-बार शिकायत और आवेदन के बावजूद तीसरा टोकन आज तक जारी नहीं किया गया, जिससे किसान मानसिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से परेशान है। मजबूर होकर किसान ने धान खरीदी केंद्र के गेट पर धरना शुरू कर दिया।
ज्ञापन सौंप न्याय की मांग

पीड़ित किसान ने तहसीलदार, अनुविभागीय अधिकारी एवं सहकारी समिति को लिखित ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। किसान ने साफ कहा कि जब तक उसका पूरा धान नहीं खरीदा जाएगा, धरना जारी रहेगा।
राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का समर्थन

किसान के धरने को छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना (जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी) एवं कांग्रेस पार्टी का खुला समर्थन मिला। नेताओं ने मौके पर पहुंचकर सरकार और प्रशासन को घेरते हुए कहा कि
> “डबल इंजन की सरकार में किसान सड़कों पर बैठने को मजबूर है, यह सरकार की विफलता का प्रमाण है।”

प्रदेशभर में गूंज रहा है आक्रोश
प्रदेश के कई जिलों से लगातार शिकायतें आ रही हैं—
कहीं करोड़ों का धान चूहों द्वारा खा जाने का मामला,
तो कहीं अधिकारी-विचौलियों की मिलीभगत से किसानों का शोषण।
धान खरीदी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रशासन पर दबाव
धरना प्रदर्शन से क्षेत्र में तनाव का माहौल है। अब देखना होगा कि प्रशासन किसान को न्याय दिलाता है या आंदोलन और तेज होता है।


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