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फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में रायपुर में जिला स्तरीय प्रशिक्षण, 10 से 25 फरवरी तक चलेगा MDA अभियान

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रायपुर में जिला स्तरीय प्रशिक्षण सम्पन्न, घर-घर दी जाएंगी फाइलेरिया रोधी दवाएं

रायपुर ख़ोज ख़बर छत्तीसगढ संवाददाता संतोष कुमार यदु

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रायपुर | 30 जनवरी 2026
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के सभाकक्ष में आज राष्ट्रीय वैक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NVBDCP) के अंतर्गत फाइलेरिया उन्मूलन (MDA) को लेकर जिला स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।

यह प्रशिक्षण रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के मार्गदर्शन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी के निर्देशन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विमल किशोर रॉय (NVBDCP) एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री मनीष मेजरवार का विशेष मार्गदर्शन रहा।

प्रशिक्षण में DHO डॉ. संजीव वोहरा, सभी ब्लॉक एवं शहरी क्षेत्रों के BMO, BPM, BETO, अर्बन क्षेत्र हीरापुर, गोगांव, रामनगर, भनपुरी के PHC प्रभारी, RMA एवं सुपरवाइजर बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

जिला कार्यालय से NVBDCP कंसल्टेंट कुमार सिंह, जिला प्रशिक्षण/मानव संसाधन प्रबंधक श्रीमती प्रियंका जांगड़े, जिला मीडिया प्रभारी गजेन्द्र डोंगरे, सुपरवाइजर रेवानंद साहू, लैब टेक्नीशियन सतीश देवांगन, DEO उमा शंकर साहू तथा PCI से राखी यादव की उपस्थिति रही।

यूलेक्स मच्छर से फैलता है फाइलेरिया

मास्टर ट्रेनर के रूप में PCI के राज्य कार्यक्रम अधिकारी श्री मुमताज अंसारी एवं जिले से कुमार सिंह ने प्रशिक्षण देते हुए बताया कि फाइलेरिया क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर गंदे पानी में पनपता है और रात में अधिक सक्रिय रहता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि फाइलेरिया केवल क्यूलेक्स मच्छर से ही होता है, अन्य मच्छरों से नहीं।

10 से 25 फरवरी तक घर-घर दवा सेवन अभियान

फाइलेरिया एक गंभीर बीमारी है जो लिम्फैटिक सिस्टम को प्रभावित कर हाथ-पैर व अन्य अंगों में सूजन पैदा करती है। इसके उन्मूलन हेतु भारत सरकार द्वारा 10 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक सामूहिक दवा सेवन अभियान (MDA) चलाया जाएगा।

इस अभियान के तहत स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर लोगों को आइवरमेक्टिन, डीईसी एवं एल्बेंडाजोल की दवाएं खिलाएंगे।
यह दवाएं 2 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को दी जाएंगी, जबकि 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती महिलाएं एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को दवा नहीं दी जाएगी।

2027 तक भारत को फाइलेरिया मुक्त बनाने का लक्ष्य

अधिकारियों ने अपील की कि सभी पात्र नागरिक दवाएं अवश्य लें, ताकि 2027 तक भारत को फाइलेरिया मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सके।

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