एनडीपीएफ ने लखनऊ में उठाई राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन की मांग

लखनऊ उत्तर प्रदेश ख़ोज ख़बर छत्तीसगढ संवाददाता संतोष कुमार यदु

उत्तर प्रदेश 30 जनवरी : लखनऊ नेशनल डेमोक्रेटिक पीपुल्स फ्रंट (एनडीपीएफ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेन्द्र यादव ने कहा है कि सरकार को शराब और नशीले पदार्थों के उत्पादन एवं विक्रय पर तत्काल पूर्ण प्रतिबंध लगाना चाहिए। वे लखनऊ के आर्य समाज सभागार में आयोजित एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
योगेन्द्र यादव ने कहा कि भारत में शराब के संगठित विक्रय की शुरुआत अंग्रेज़ी शासन के दौरान हुई थी। उस समय ब्रिटिश अधिकारी ए.ओ. ह्यूम ने स्वयं रानी को पत्र लिखकर शराब से होने वाली आय को “पाप की कमाई” बताते हुए इसे बंद करने का आग्रह किया था। उन्होंने चेताया था कि इससे भारतीय परिवार आर्थिक रूप से टूट रहे हैं, बच्चे अनाथ हो रहे हैं और महिलाओं में वेश्यावृत्ति जैसी सामाजिक बुराइयाँ बढ़ रही हैं।

एनडीपीएफ अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि 1947 में सत्ता हस्तांतरण के बाद से अब तक कांग्रेस और भाजपा की सरकारें इसी पाप की कमाई से राजस्व अर्जित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आज कॉरपोरेट शक्तियाँ युवाओं को शराब और नशे की गिरफ्त में धकेलकर समाज और राष्ट्र दोनों का भविष्य बर्बाद कर रही हैं।
योगेन्द्र यादव ने कॉरपोरेट लूट पर रोक लगाने और नशा-मुक्त भारत के निर्माण के लिए राष्ट्रव्यापी जनांदोलन शुरू करने की आवश्यकता पर बल दिया।

सभा को अलूबेरिया महिला उन्नयन समिति की राष्ट्रीय अध्यक्ष कल्याणी पालू सहित मानसी घोष, शिउली समानता, रीता पात्र, पलाश नैलेक, पीयू घोष, सुल्तान सिंह, योगेन्द्र राणा, टीना यादव, देवकीनंदन गंगवार आदि वक्ताओं ने भी संबोधित किया और नशा-मुक्त समाज की दिशा में संगठित संघर्ष का आह्वान किया।

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