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सांस्कृतिक संध्या के साथ आध्यात्मिक वातावरण में सम्पन्न हुआ समर कैंप

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ब्रह्माकुमारीज़ तिल्दा द्वारा आयोजित निःशुल्क समर कैंप के समापन समारोह में बड़ी संख्या में बच्चे एवं अभिभावक रहे उपस्थित

तिल्दा नेवरा खोज खबर छत्तीसगढ़ संवाददाता संतोष कुमार यदु

तिल्दा-नेवरा। ब्रह्माकुमारीज़ तिल्दा द्वारा विगत 10 दिनों से आयोजित निःशुल्क समर कैंप का समापन समारोह 10 मई को उत्साह, संस्कृति और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बच्चे, अभिभावक एवं नगरवासी उपस्थित रहे। बच्चों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया और पूरे वातावरण को भक्तिमय एवं प्रेरणादायक बना दिया।

समापन समारोह की मुख्य अतिथि राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष एवं राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त डॉ. वर्णिका शर्मा रहीं। वे राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच की राष्ट्रीय महामंत्री होने के साथ सैन्य मनोविज्ञान की अध्येता भी हैं। उनके 35 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं तथा वे अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों में मुख्य वक्ता के रूप में भाग ले चुकी हैं।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शासकीय आत्मानंद प्रियदर्शिनी विद्यालय नेवरा के प्राचार्य भ्राता राजेन्द्र बंजारे एवं तिल्दा-नेवरा की समाजसेवी बहन नीलम अग्रवाल उपस्थित रहीं।

अतिथियों के स्वागत उपरांत डॉ. वर्णिका शर्मा ने बच्चों एवं अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक पालक को बच्चों के अधिकारों की जानकारी होना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए कोई भी वस्तु लेते समय उनकी पसंद का ध्यान रखना चाहिए। साथ ही बच्चों को जागरूक करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति उन्हें परेशान करे या गलत स्पर्श (बैड टच) करे तो वे तुरंत अपने माता-पिता को इसकी जानकारी दें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।

उन्होंने बच्चों द्वारा प्रस्तुत “ऐगिरी नंदिनी” गीत की विशेष प्रशंसा करते हुए कहा कि आधुनिकता और AI के दौर में भी बच्चों का भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ाव देखना सुखद अनुभव है। उन्होंने स्वयं इस स्तुति गीत की कुछ पंक्तियां गाकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

डॉ. शर्मा ने ब्रह्माकुमारीज़ संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों को शिव से जोड़ने और आध्यात्मिक शिक्षा देने का यह निःशुल्क प्रयास अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि आधुनिक शिक्षा के साथ बच्चों को वैचारिक एवं आध्यात्मिक शिक्षा देना भी आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

प्राचार्य भ्राता राजेन्द्र बंजारे ने आयोजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस वर्ष उनके विद्यालय से जितने बच्चे शिविर में शामिल हुए थे, अगले वर्ष उससे दोगुने बच्चों को भेजने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छे अंक के साथ अच्छे संस्कार देना ही उनके शिक्षक जीवन का मुख्य उद्देश्य रहा है।

समाजसेवी नीलम अग्रवाल ने कहा कि वे अब तक ब्रह्माकुमारीज़ को केवल मेडिटेशन सिखाने वाली संस्था मानती थीं, लेकिन यहां आकर उन्होंने अनुभव किया कि यह संस्था बच्चों के सर्वांगीण विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि बच्चों को यहां कई उपयोगी स्किल्स एवं संस्कार अत्यंत रोचक तरीके से सिखाए गए।

तिल्दा ब्रह्माकुमारीज़ सेवाकेंद्र प्रभारी बीके प्रियंका दीदी ने बताया कि राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से मन को शक्तिशाली बनाकर किसी भी गलत आदत या व्यसन पर विजय प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि 12 मई से प्रारंभ होने वाले निःशुल्क मेडिटेशन शिविर में बच्चे एवं अभिभावक दोनों शामिल होकर तनावमुक्त जीवन जीने की कला सीख सकते हैं। शिविर का समय प्रतिदिन सुबह 8 बजे से 9 बजे तक एवं शाम 7 बजे से 8 बजे तक रहेगा।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मंच पर पुरस्कृत भी किया गया। समर कैंप में डांस, ड्रॉइंग, एनर्जी ऑडिट, फायरलेस कुकिंग, पोस्टर मेकिंग, ग्रुप डिस्कशन, ड्रामा एवं एड मेकिंग जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थीं। सभी विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

पूरे दस दिवसीय कैंप के दौरान बच्चों के प्रदर्शन, अनुशासन एवं प्रतिभा के आधार पर “बेस्ट बॉय” और “बेस्ट गर्ल” का सम्मान भी प्रदान किया गया। बेस्ट बॉय की श्रेणी में सुभाष यादव एवं आदित्य मिश्रा संयुक्त रूप से विजेता रहे, जबकि बेस्ट गर्ल का खिताब तनी ध्रुव ने अपने नाम किया।

कार्यक्रम के अंत में बच्चों द्वारा मदर्स डे के अवसर पर अपनी माताओं को स्वयं तैयार किए गए आकर्षक ग्रीटिंग कार्ड भेंट किए गए। बच्चों के हाथों से बने इन कार्डों में मां के प्रति प्रेम, सम्मान और कृतज्ञता की भावनाएं झलक रही थीं। यह भावुक पल देखकर कई माताएं भावुक हो उठीं और पूरे समारोह का वातावरण पारिवारिक स्नेह एवं भावनाओं से भर गया।

समापन समारोह के अंत में सभी अभिभावकों एवं नगरवासियों ने ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा आयोजित इस संस्कारमय एवं प्रेरणादायक समर कैंप की सराहना करते हुए इसे बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।

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