मृतक श्रमिक के परिजनों को ₹3 लाख मुआवज़ा, चेक दिया गया 10 सूत्रीय मांगें मानी गईं
हड़ताल स्थगित, मजदूरों के चेहरों पर लौटी मुस्कान

तिल्दा–नेवरा / रायपुर।
सड्डू–सांकरा स्थित क्लेंडिंग कंपनी में मजदूरों के अधिकारों को लेकर चला संघर्ष आखिरकार सफल रहा। मजदूरों की 10 सूत्रीय मांगों को स्वीकार करते हुए कंपनी प्रबंधन ने मृतक मजदूर के परिवार को ₹3 लाख का मुआवज़ा चेक सौंपा। साथ ही सभी श्रमिक शर्तों को मानने पर लिखित सहमति बनी, जिसके बाद मजदूरों ने हड़ताल स्थगित कर दी।
गौरतलब है कि 20 दिसंबर 2025 को मजदूरों ने कंपनी गेट के सामने धरना-प्रदर्शन शुरू किया था। इस आंदोलन को ‘खोज ख़बर छत्तीसगढ़’ न्यूज़ चैनल द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित किया गया, जिससे मामला प्रशासन व प्रबंधन के संज्ञान में आया।
आंदोलन का नेतृत्व शैल महेंद्र साहू, जिला पंचायत सदस्य क्षेत्र क्रमांक 06 एवं सभापति महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला पंचायत रायपुर ने किया। लगातार दबाव, वार्ता और जनसमर्थन के बाद 26 दिसंबर 2025 को देर शाम समझौता हुआ। समझौते के बाद मजदूरों में खुशी की लहर दौड़ गई।
इस दौरान कंपनी प्रबंधन की ओर से एचआर गुरुपाल सिंह, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शैल महेंद्र साहू, जनपद सदस्य चांदनी शत्रुघ्न यदु, बजरंग दल संयोजक दीपक साहू, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, समाजसेवी एवं वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे।
बॉक्स न्यूज़ : मजदूरों की 10 सूत्रीय प्रमुख मांगें
1. कुशल मजदूरों को योग्यता अनुसार पारिश्रमिक।
2. प्रत्येक माह की 10 तारीख तक वेतन भुगतान।
3. माह में 15–15 दिन की अनावश्यक छुट्टी समाप्त।
4. हटाए गए मजदूरों को पुनः कार्य पर लिया जाए।
5. पीने का पानी, शौचालय व बुनियादी सुविधाएं।
6. सभी मजदूरों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना।
7. सभी श्रमिकों का ESIC कार्ड बनाना।
8. कार्यस्थल पर प्राथमिक उपचार व मेडिकल सुविधा।
9. दुर्घटना में घायल/मृत श्रमिक को उचित मुआवज़ा।
10. श्रम कानूनों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करना।
समझौते के बाद कंपनी प्रबंधन, जनप्रतिनिधि व मजदूर प्रतिनिधि—हड़ताल स्थगित होने पर खुशी जाहिर करते हुए।
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